भारत ने हाल ही में परमाणु क्षमता से लैस के-4 (K-4) पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिससे समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत हुई है। यह परीक्षण अरिघात (INS Arighaat) परमाणु पनडुब्बी से बे ऑफ बंगाल क्षेत्र में किया गया और लगभग 3,500 किमी की श्रेणी का प्रदर्शन माना जा रहा है।
K-4 मिसाइल का सफल परीक्षण
- 23–24 दिसंबर 2025 के आसपास भारत ने के-4 SLBM (Submarine-Launched Ballistic Missile) का यूज़र ट्रायल INS Arighaat से बे ऑफ बंगाल में किया।
- यह परीक्षण भारत की समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (sea-based nuclear deterrent) को मजबूत करता है और इसे परमाणु त्रिकोण (nuclear triad) के समुद्री हिस्से को अधिक विश्वसनीय बनाना माना जा रहा है।
K-4 मिसाइल की खासियतें
- के-4 DRDO द्वारा विकसित दो-स्टेज, सॉलिड फ्यूल आधारित मध्यम दूरी की पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलेस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज लगभग 3,500 किमी बताई जाती है।
- इसकी लंबाई लगभग 12 मीटर, वज़न लगभग 17 टन है, यह कोल्ड लॉन्च तकनीक से ट्यूब से बाहर निकलकर बाद में इंजन स्टार्ट करती है और उन्नत जड़त्वीय नेविगेशन के साथ GPS/NavIC सहायता से उच्च सटीकता (CEP 10 मीटर के आसपास) प्राप्त करती है।
- इसे विशेष रूप से अरिहंत-क्लास SSBNs के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो चार K-4 या अधिक संख्या में कम रेंज K-15 मिसाइल ले जा सकती हैं, जिससे पनडुब्बी सुरक्षित दूरी से लक्ष्य साध सकती है।
ब्रह्मोस मिसाइल और ‘ऑपरेशन सिंदूर’
- ब्रह्मोस भारत–रूस संयुक्त रूप से विकसित सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, जो लगभग Mach 2.8–3 की गति से उड़ती है और ज़मीन, समुद्र, वायु व पनडुब्बी प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है
- इसकी रेंज शुरू में लगभग 290 किमी थी, जिसे विभिन्न वर्जन में 350–400 किमी तथा परीक्षणों में और अधिक दूरी (लगभग 800–900 किमी तक की क्षमता) तक बढ़ाया गया है।
- मिसाइल की विशेषताएँ हैं: दो-स्टेज (सॉलिड बूस्टर + लिक्विड रामजेट), कम रडार सिग्नेचर, sea-skimming उड़ान, “fire and forget” गाइडेंस और उच्च सटीकता (CEP 1–2 मीटर)।
- “ऑपरेशन सिंदूर” नाम से हाल के वर्षों में कोई प्रमुख आधिकारिक संयुक्त ऑपरेशन ब्रह्मोस से सीधे जोड़ा नहीं जाता; ब्रह्मोस का उपयोग कई टेस्ट और सीमावर्ती क्षेत्रों में शक्ति प्रदर्शन के लिए किया गया है, पर परीक्षा दृष्टि से ब्रह्मोस की तकनीकी व रणनीतिक खासियतें ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल के नए वर्जन
- ब्रह्मोस के स्थलीय, नौसैनिक (ship-launched), पनडुब्बी लॉन्च और एयर-लॉन्च (BrahMos-A) संस्करण पहले से परिचालन में हैं; इन्हें विभिन्न ब्लॉक कॉन्फ़िगरेशन के साथ भारतीय सेना और नौसेना में तैनात किया गया है।
- हाल के परीक्षणों में भारतीय नौसेना ने 900 किमी तक की “extended range” क्षमता वाले ब्रह्मोस संस्करण का परीक्षण किया, जिससे लंबी दूरी के प्रिसिशन स्ट्राइक की क्षमता बढ़ी है।
- भविष्य के वर्जन में उच्च रेंज (800–900 किमी वर्ग), बेहतर स्टील्थ और तेज़ डेटा-लिंक/टर्मिनल गाइडेंस पर काम किया जा रहा है, ताकि समंदर और ज़मीन दोनों पर दूर के लक्ष्यों पर सटीक प्रहार संभव हो सके।
मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) और भारत
- MTCR एक अंतरराष्ट्रीय, अनौपचारिक निर्यात नियंत्रण व्यवस्था है, जिसकी शुरुआत 1987 में G-7 देशों ने की, इसका उद्देश्य WMD ले जाने में सक्षम मिसाइलों व संबंधित तकनीक के प्रसार को सीमित करना है।
- भारत 27 जून 2016 को MTCR का 35वां सदस्य बना, जिससे उच्च तकनीक वाले ड्रोन, मिसाइल कम्पोनेंट्स और संयुक्त विकास परियोजनाओं (जैसे ब्रह्मोस रेंज विस्तार) में सहयोग आसान हुआ।
- MTCR सदस्यता के कारण भारत ने अपने निर्यात नियंत्रण कानूनों और रेगुलेटरी ढांचे को मज़बूत किया, जिससे भारत को ज़िम्मेदार मिसाइल शक्ति के रूप में स्वीकार्यता मिली और उन्नत रक्षा तकनीकों की उपलब्धता बढ़ी।
Current Affairs प्रश्नोत्तरी व्याख्या सहित
REET,DELED,RPSC SSC आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स
Q1. हाल ही में के-4 मिसाइल का परीक्षण किस प्लेटफॉर्म से किया गया?
A. भूमि आधारित लॉन्चर
B. युद्धपोत से
C. परमाणु पनडुब्बी INS Arighaat से
D. फाइटर जेट से
सही उत्तर: C
व्याख्या: 23–24 दिसंबर 2025 के आसपास हुआ K-4 SLBM परीक्षण अरिहंत-क्लास की परमाणु-संचालित पनडुब्बी INS Arighaat से बे ऑफ बंगाल क्षेत्र में किया गया, जो समुद्री परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।
Q2. K-4 मिसाइल किस प्रकार की मिसाइल है?
A. सब सोनिक क्रूज़ मिसाइल
B. सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल
C. पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलेस्टिक मिसाइल
D. एंटी-बैलिस्टिक इंटरसेप्टर
सही उत्तर: C
व्याख्या: K-4 एक SLBM है, यानी Submarine-Launched Ballistic Missile, जिसे खास तौर पर अरिहंत-क्लास SSBN से लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह मध्यम दूरी की परमाणु क्षमता वाली बैलेस्टिक मिसाइल है।
Q3. K-4 मिसाइल की अनुमानित रेंज कितनी मानी जाती है?
A. लगभग 750 किमी
B. लगभग 1500 किमी
C. लगभग 3500 किमी
D. लगभग 8000 किमी
सही उत्तर: C
व्याख्या: K-4 को intermediate-range SLBM के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जिसकी रेंज लगभग 3,500 किलोमीटर मानी जाती है, जो पहले से मौजूद K-15 (750 किमी) से काफी अधिक है।
Q4. K-4 मिसाइल की प्रमुख तकनीकी विशेषता कौन सी है?
A. एयर-ब्रीदिंग रामजेट
B. कोल्ड लॉन्च क्षमता
C. एंटी-टैंक गाइडेंस
D. लेज़र बीम राइडर
सही उत्तर: B
व्याख्या: K-4 मिसाइल को पनडुब्बी के वर्टिकल लॉन्च ट्यूब से “कोल्ड लॉन्च” तकनीक के माध्यम से पहले बाहर निकाला जाता है, उसके बाद मुख्य इंजन प्रज्वलित होता है, जिससे पनडुब्बी पर झटका कम पड़ता है और सुरक्षा बढ़ती है।
Q5. ब्रह्मोस मिसाइल किस प्रकार की मिसाइल के रूप में जानी जाती है?
A. हाइपरसोनिक बैलेस्टिक मिसाइल
B. सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल
C. सब सोनिक लैंड-अटैक मिसाइल
D. केवल एंटी-टैंक मिसाइल
सही उत्तर: B
व्याख्या: ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है, जो लगभग Mach 2.8–3 की गति से उड़ान भरती है और “क्रूज़ प्रोफाइल” में कम ऊंचाई पर sea-skimming करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ती है।
Q6. ब्रह्मोस मिसाइल की शुरुआती अधिकतम रेंज लगभग कितनी थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया?
A. 150 किमी
B. 290 किमी
C. 550 किमी
D. 1200 किमी
सही उत्तर: B
व्याख्या: MTCR में भारत की सदस्यता से पहले ब्रह्मोस की रेंज 290 किमी के आसपास रखी गई थी, जिसे बाद में विस्तार कर 350–400 किमी और हाल के परीक्षणों में 800–900 किमी वर्ग की extended range क्षमता की दिशा में बढ़ाया गया।
Q7. हाल के नौसैनिक परीक्षणों में ब्रह्मोस के extended range संस्करण की क्षमता लगभग कितनी बताई गई है?
A. 150 किमी
B. 300 किमी
C. 500 किमी
D. लगभग 900 किमी
सही उत्तर: D
व्याख्या: जनवरी 2024 के आसपास भारतीय नौसेना ने एक परीक्षण में ब्रह्मोस से लगभग 900 किमी लंबी क्षेत्र चेतावनी (no-fly zone) के भीतर लक्ष्य साधा, जिससे इसकी extended range क्षमता का संकेत मिलता है।
Q8. MTCR (Missile Technology Control Regime) में भारत किस वर्ष शामिल हुआ?
A. 2005
B. 2010
C. 2016
D. 2020
सही उत्तर: C
व्याख्या: भारत 27 जून 2016 को MTCR का 35वां सदस्य बना, जिससे उन्नत मिसाइल व ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग और निर्यात नियंत्रण ढांचे में भारत की स्थिति मज़बूत हुई।
Q9. MTCR का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. केवल पारंपरिक हथियारों का आयात बढ़ाना
B. परमाणु रिएक्टरों का निर्माण करना
C. WMD ले जाने में सक्षम मिसाइल व तकनीक के प्रसार को सीमित करना
D. अंतरिक्ष पर्यटन को बढ़ावा देना
सही उत्तर: C
व्याख्या: MTCR एक निर्यात नियंत्रण व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य ऐसे मिसाइलों, ड्रोन व संबंधित तकनीक के प्रसार को नियंत्रित करना है जो 500 किग्रा से अधिक पेलोड को 300 किमी या उससे अधिक दूरी तक ले जा सकते हैं।
Q10. K-4 और ब्रह्मोस के संदर्भ में भारत की रणनीतिक क्षमता को सही ढंग से कौन सा कथन दर्शाता है?
A. भारत के पास केवल ज़मीन आधारित परमाणु मिसाइल क्षमता है
B. K-4 समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोध और ब्रह्मोस पारंपरिक सुपरसोनिक स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करती है
C. ब्रह्मोस केवल प्रशिक्षण के लिए उपयोग होती है
D. K-4 केवल पारंपरिक वॉरहेड ले जा सकती है
सही उत्तर: B
व्याख्या: K-4 SLBM भारत की sea-based nuclear deterrent क्षमता का हिस्सा है, जबकि ब्रह्मोस मुख्य रूप से उच्च सटीकता वाली पारंपरिक सुपरसोनिक स्ट्राइक मिसाइल है; दोनों मिलकर भारत की रणनीतिक और सामरिक क्षमताओं को संतुलित रूप से मजबूत करते हैं।
Disclaimer:
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